महिला किसान दिवस के अवसर पर केवीके में हुई रबी गोष्ठी आयोजित

बक्सर अप टू डेट न्यूज:राष्ट्रीय महिला किसान दिवस के अवसर पर भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद का पूर्वी अनुसंधान परिसर, पटना के मार्गदर्शन में कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर द्वारा “कृषि चुनौतियाँ-वैज्ञानिक एवं तकनीकी समाधान” विषयगत किसान गोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
जिले के उप विकास आयुक्त तथा इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि निहारिका छवि (आई0ए0एस0), कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर के वरिष्ठ वैज्ञानिक सह प्रमुख डॉ0 देवकरन तथा प्रगतिशील महिला कृषकों द्वारा संयुक्त रूप से द्वीप प्रज्ज्वलित कर गोष्ठी का विधिवत् शुभारंभ किया गया।
डॉ0 देवकरन ने आमंत्रित अतिथियों एवं प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए बताया कि रबी मौसम की तैयारी कर रहे किसान निश्चित रूप से मृदा परीक्षण कराकर ही उवर्रकों का प्रयोग करें। दलहनी फसल मसूर (पूसा अगेती, आई0पी0एल0 220, मालवीय मसूर 57), चना (स्वर्ण लक्ष्मी, जी0एन0जी0 2299, जी0एन0जी0 2207), मटर (एच0एफ0पी0 4, आई0पी0एफ0डी0 19-3 व 18-3) तथा तिलहन फसल सरसों (आर0एच0 725, आर0एच0-768, पी0एम0-30) तीसी (सबौर तीसी-2) आदि की उन्नत प्रभेद की जानकारी देते हुए फसल उत्पादन की तकनीकी जानकारी से किसानों को अवगत कराया।
मुख्य अतिथि निहारिका छवि ने कृषि में रासायनिक उवर्रकों के प्रयोग को कम करने पर बल देते हुए मृदा स्वास्थ्य को बनाये रखने की अपील की। कृषि में महिला भागीदारी को बढ़ावा देकर महिला सशक्तिकरण को सुदृढ़ करने की बात कही। कृषि की नई तकनीकों को अपनाकर पैदावार के साथ-साथ आर्थिक संबलता पर जोर दिया। कार्यक्रम में उपस्थित महिला कृषक प्रतिभागियों को शिमला मिर्च, बैंगन, मिर्च, फूलगोभी, पत्तागोभी, आदि के उन्नत प्रभेदों के पौध उपलब्ध कराये गये। साथ ही बागवानी फसल अमरूद, लीची के स्वस्थ पेड़ दिये गये। वृक्षारोपण के महत्व को बढ़ावा देने के उद्देश्य से कृषि विज्ञान केन्द्र, बक्सर प्रक्षेत्र के मेढ़ पर आम प्रभेद आम्रपाली का रोपण भी किया गया।
कार्यक्रम मे आमंत्रित उप निदेशक (उद्यान) किरण भारती ने विभाग द्वारा विशेषकर महिला केन्द्रित कृषि योजनाओं की जानकारी देते हुए बागवानी फसलें-केला, अमरूद, आम एवं ड्रैगन फ्रूट के साथ-साथ फूल की खेती की तकनीकी जानकारी दी। डी0डी0एम0 नाबार्ड, बक्सर आनंद बर्धन ने महिला किसानों को एस0एच0जी0 एवं एफ0पी0ओ0 के महत्व व तकनीकी पर जानकारी देते हुए नाबार्ड की कृषि संबंधित वित्तीय योजनाओं के बारे मे बताया।
तकनीकी सत्र मे विशेषज्ञ हरिगोबिन्द ने प्राकृतिक खेती एवं फसलों के बीज उत्पादन की जानकारी दी। डॉ0 रामकेवल ने फसलों में लगने वाले रोग व व्याधि की पहचान कर उचित प्रबंधन तथा जलवायु अनुकूल खेती की विस्तृत जानकारी दी।
गोष्ठी मे प्रगतिशील महिला कृषक की बड़ी संख्या में सहभागिता रही।







