सिस्टम की बेरहमी: 1 किलो कम राशन का विरोध करने पर कैंसर पीड़िता का राशन कार्ड रद्द,

महावीर कैंसर संस्थान में इलाज रुका

​बक्सर अप टू डेट न्यूज:एक तरफ सरकार गरीबों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए मुफ्त इलाज व राशन की योजनाओं का दम भरती है, वहीं दूसरी तरफ प्रशासनिक स्तर पर संवेदनहीनता की पराकाष्ठा देखने को मिली है।

बक्सर जिले के सिमरी प्रखंड अंतर्गत बड़का राजपुर की रहने वाली कैंसर पीड़िता रेनू देवी का राशन कार्ड सिर्फ इसलिए रद्द कर दिया गया क्योंकि उन्होंने कम राशन मिलने का विरोध किया था। राशन कार्ड कटने के चलते अब पटना स्थित महावीर कैंसर संस्थान में उनका जीवनरक्षक इलाज और दवाएं बंद होने की कगार पर पहुँच गई हैं।

​प्राथमिक कृषि साख सहयोग समिति (पैक्स), राजपुर कलां को दिए गए आवेदन के अनुसार, बड़का राजपुर (थाना: तिलक राय हाता, जिला: बक्सर) निवासी जगनारायण मिश्र की पत्नी रेनू देवी गंभीर कैंसर रोग से पीड़ित हैं। उनका राशन कार्ड संख्या 10300010040013900027 था।

​रेनू देवी का आरोप है कि उन्हें निर्धारित 5 किलोग्राम राशन की जगह केवल 4 किलोग्राम राशन दिया जा रहा था। जब उन्होंने इस कटौती का विरोध किया और मामले की शिकायत उच्च स्तरीय विभाग में करने की बात कही, तो कथित तौर पर एमओ (प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी) द्वारा दुर्भावनापूर्ण तरीके से उनका नाम ही राशन सूची से हटा दिया गया।

​रेनू देवी का इलाज पटना के महावीर कैंसर संस्थान से चल रहा था, जहाँ राशन कार्ड/आयुष्मान से जुड़े प्रावधानों के तहत उन्हें रियायती इलाज और दवाएं मिल रही थीं। राशन कार्ड निरस्त होते ही अस्पताल से मिलने वाली जरूरी दवाएं और उपचार रुक गया है।

​एक गंभीर रूप से बीमार महिला द्वारा अपने हक का 1 किलो अनाज मांगना इतना बड़ा गुनाह बन गया कि प्रशासनिक तंत्र ने उसकी जीवन रेखा ही काट दी। यह घटना सीधे तौर पर राशन वितरण व्यवस्था में जारी धांधली और शिकायत करने वालों को दबाने की मानसिकता को उजागर करती है।

​अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस अमानवीय लापरवाही पर क्या संज्ञान लेता है और पीड़िता को तत्काल राहत पहुंचाकर उसका इलाज दोबारा शुरू करवा पाता है या नहीं।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!