गड्ढों और जलजमाव में तब्दील हुआ ईसापूर-खीरी मार्ग
ग्रामीणों में भारी आक्रोश

बक्सर अप टू डेट न्यूज:जिला का अति महत्वपूर्ण ईसापूर-खीरी मुख्य मार्ग इन दिनों प्रशासनिक उपेक्षा और बदहाली का दंश झेल रहा है। पलियां गांव स्थित रविदास मंदिर के पास और विभिन्न गांवों के समीप इस मार्ग पर बने जानलेवा गड्ढे तथा जलजमाव अब ग्रामीणों के लिए एक गंभीर मुसीबत बन चुके हैं। यह स्थिति न सिर्फ आवागमन को दुभर बना रही है, बल्कि बिहार सरकार के ‘सड़क विकास’ के दावों की पोल भी खोल रही हैi
स्थानीय स्थिति का जायजा लेने पहुंचे खीरी निवासी स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी सह भाजपा नेता अभिषेक कुमार चौबे ने सड़क की जर्जर स्थिति पर कड़ा आक्रोश व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दो माह पूर्व पथ निर्माण विभाग के एसडीओ से संपर्क कर समस्या से अवगत कराया गया था। उस समय अधिकारियों ने तीन दिनों के भीतर गड्ढों को भरने की शुरुआत का ठोस आश्वासन दिया था। हालांकि वास्तव में स्थिति बेहतर होने के बजाय और भी भयावह हो गई है। आनन-फानन में की गई कागजी मरम्मत के बाद पलियां रविदास मंदिर के समीप तथा विभिन्न गांवों से सटे इस मार्ग पर स्थायी जलजमाव हो गया है।
लंबी अवधि से पानी लगे रहने के कारण सड़क पर करीब एक से दो फीट गहरे गड्ढे बन चुके हैं। राहगीरों और दोपहिया वाहन चालकों का गुजरना मुश्किल हो गया है; आए दिन लोग गिरकर चोटिल हो रहे हैं। गंदे पानी के ठहराव से क्षेत्र में संक्रामक बीमारियां फैलने का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।
तीन जिलों की सीमाओं से सटा यह सुदूर और पिछड़ा इलाका होने के कारण खीरी मुख्य मार्ग बेहद संवेदनशील है। आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल ले जाने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। किसानों के लिए अपनी उपज बाजार तक पहुंचाना मुश्किल हो गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
अभिषेक चौबे और स्थानीय ग्रामीणों ने बक्सर जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जनसमस्या को प्राथमिकता पर लेते हुए सड़क की अविलंब स्थायी मरम्मत कराई जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो ईसापूर-खीरी क्षेत्र के उग्र ग्रामीण एक बड़े जन-आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।







