तीन दिवसीय कैथी लिपि प्रशिक्षण उपरांत की गई प्रमाणपत्र वितरण एवं पुस्तक विमोचन

बक्सरअप टू डेट: सीताताराम उपाध्याय संग्रहालय बक्सर में तीन दिवसीय कैथी लिपि प्रशिक्षण का समापन किया गया। अंतिम दिवस पर प्रशिक्षण उपरांत प्रशिक्षणार्थियों को प्रमाण पत्र भी दी गई।
इस अवसर पर संबोधित करते हुए संग्रहालयाध्यक्ष डाक्टर शिव कुमार मिश्र ने कहा कि यह तीन दिवसीय प्रशिक्षण अवश्य ही कैथी लिपि के ज्ञान में लाभकारी सिद्ध होगा। कैथी लिपि की आवश्यकता आज सबसे भू संबंधित सर्वेक्षण कार्यों में हो रही है। लेकिन इसके जानकार नहीं के बराबर है। इससे अनेक समस्या उत्पन्न हो रही है। इस कार्यक्रम में सीताराम उपाध्याय संग्रहालय बक्सर द्वारा चौसा गढ़ से प्राप्त दुर्लभ मृण्मूर्तियाँ की पुस्तक का भी विमोचन किया गया। जिसमें वरिष्ठ साहित्यकार डाक्टर पंकज कुमार झा एवं कैथी लिपि की ज्ञाता कल्पना जी, रिसोर्स पर्सन प्रीतम कुमार एवं वकार अहमद की गरिमामय उपस्थिति रही।
इस अवसर पर सर्वप्रथम डाक्टर शिव कुमार मिश्र द्वारा वरिष्ठ इतिहासकार को स्मृति चिन्ह एवं अंगवस्त्र से सम्मानित किया गया।वरिष्ठ इतिहासकार डाक्टर पंकज कुमार झा ने विषय वस्तु रखते हुए कहां कि इतिहास में महत्वपूर्ण पहचान है। पहचान के लिए भाषा की आवश्यकता होती है।भाषा के लिए लिपि की जानकारी आवश्यक है।
अंत में समापन करते हुए डाक्टर शिव कुमार मिश्र ने कहां कि भोजपुरी और कैथी लिपि एक दूसरे के पूरक है।आज जो भी व्यक्ति कैथी लिपि का प्रशिक्षण प्राप्त किए है,वह कम-से-कम एक दो व्यक्तियों तक अवश्य ही पहुंचाए।







