अदृश्य शक्तियों से मुक्ति के लिए विष्णु ब्रह्म बाबा के दरबार में जुट रहे लोग
आस्था या अंधविश्वास: चौसा के डुमडेरवा गंगा तट पर उमड़ रही भारी भीड़

बक्सर अप टू डेट न्यूज:प्रखंड अंतर्गत डुमडेरवा गंगा तट स्थित विष्णु ब्रह्म बाबा का स्थान इन दिनों आस्था, भय और कौतूहल का बड़ा केंद्र बना हुआ है। गंगा किनारे स्थित इस धार्मिक स्थल पर प्रतिदिन सैकड़ों की संख्या में महिला एवं पुरुष श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आने वाले अधिकांश लोगों का मानना है कि यहां हाजिरी लगाने से भूत-प्रेत, डाकिन-शाकिन, चुड़ैल ,पितृ दोष,रोग व्याधि,चर्म रोग और अज्ञात अदृश्य बाधाओं से सदा के लिए मुक्ति मिल जाती है।
गंगा की लहरों के बीच गूंजते मंत्रोच्चार और अजीबोगरीब हरकतों के बीच दूर-दराज से आए पीड़ित परिवार अपनी व्यथा लेकर यहां दिन-रात डेरा डाले हुए हैं। परिसर में महिलाओं की संख्या विशेष रूप से अधिक देखी जा रही है, जो अजीब मुद्राओं में झूमती और मुक्ति की गुहार लगाती नजर आती हैं।
नवरात्र में बढ़ जाता है तांता
स्थानीय पंडित आकाश तिवारी, पंडित प्रवीण मिश्रा मिश्रा सहित अन्य पंडितों का कहना है कि यह परंपरा सदियों पुरानी है। उनके अनुसार, “विष्णु ब्रह्म बाबा के स्थान की मान्यता प्राचीन काल से है। जो भी व्यक्ति नकारात्मक ऊर्जा या प्रेत बाधा से ग्रसित होकर यहां गंगा स्नान के बाद बाबा के दरबार में आता है, उसे शांति मिलती है। यूं तो साल भर लोग अपनी परेशानियां लेकर आते हैं, लेकिन चैत्र नवरात्र और आश्विन मास नवरात्र के नौ दिनों में यहां श्रद्धालुओं की संख्या कई गुना बढ़ जाती है।”
दवा से निराश होकर

आसपास के जिलों के अलावा सीमावर्ती उत्तर प्रदेश से भी बड़ी संख्या में लोग यहां पहुंच रहे हैं। परिजनों का कहना है कि लंबे समय तक अस्पतालों और डॉक्टरों के चक्कर काटने के बाद जब कोई लाभ नहीं दिखा, तो वे थक-हारकर आस्था के इस द्वार पर खिंचे चले आए।
परिसर में सुबह से शाम तक अनुष्ठान, गंगा स्नान और विशेष झाड़-फूंक का सिलसिला निरंतर जारी रहता है, जिससे गंगा घाट पर मेले जैसा दृश्य बना हुआ है।







