खीरी में मुख्यमंत्री का दौरा रद्द होने से ग्रामीण हुए निराश

बक्सर अप टू डेट न्यूज़:बक्सर के सुदूर खीरी गाँव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का दौरा रद्द, ग्रामीणों में निराशा की लहर व्याप्त हो गई।बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का बक्सर जिला के राजपुर प्रखंड के सुदूर और पिछड़े गाँव खीरी में प्रस्तावित कार्यक्रम खराब सड़क के कारण स्थगित हो गया।

जिला मुख्यालय बक्सर से लगभग 35 किमी दूर कैमूर और रोहतास जिलों की सीमा पर स्थित यह गाँव प्रखंड का सबसे बड़ा गाँव है। जहाँ हजारों ग्रामीण बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं। स्थानीय लोग इस दौरे को अपने क्षेत्र के विकास की बड़ी उम्मीद मान रहे थे।
मुख्यमंत्री के अधिकारियों ने बताया कि कार्यक्रम स्थल पर सड़क के गीला होने के कारण कार्यक्रम को दूसरे गांव में परिवर्तित करना पड़ा। खीरी गाँव जो राजपुर प्रखंड का सबसे बड़ा गाँव होने के बावजूद आर्थिक रूप से पिछड़ा हुआ है, कैमूर-रोहतास बॉर्डर पर स्थित है। यहाँ पक्की सड़कों की कमी, अनियमित बिजली आपूर्ति, सीमित स्वास्थ्य सुविधाएँ और बाढ़ प्रभावित इलाका होने के कारण ग्रामीणों को जिला मुख्यालय तक पहुंचने में घंटों लग जाते हैं। बारिश के मौसम में सीमावर्ती क्षेत्र की सड़कें और भी चुनौतीपूर्ण हो जाती हैं।

स्थानीय निवासी स्वतंत्रता सेनानी उत्तराधिकारी सह भाजपा नेता अभिषेक कुमार चौबे, खीरी बीडीसी पूर्वी मनोज यादव, घनश्याम चौबे, मनोज सिंह, पिंटू राम, विश्व हिंदू परिषद कैलेंदर त्रिगुण, शीशपाल चौहान, हाफिज अंसारी, शिवजी सेठ, अखिलेश सेठ, मनोवर अंसारी, धीरज सेठ, कलु अंसारी, रविंद्र चौहान इत्यादि लोगों ने निराशा व्यक्त करते हुए कहा कि हमारे प्रखंड के सबसे बड़े गाँव में पहली बार मुख्यमंत्री के आने की सूचना मिलते ही सभी क्षेत्र के ग्रामीणों में उल्लास का वातावरण हो गया था, लेकिन अब इंतजार और लंबा हो गया। विपक्षी नेताओं ने इसे सुदूर बॉर्डर क्षेत्रों में सरकारी उदासीनता तथा प्रशासन की अपनी नाकामी छुपाने जैसे उदाहरण बताते हुए आलोचना की। यह क्षेत्र कैमूर और रोहतास के साथ साझा सीमावर्ती होने के कारण विकास कार्यों में अक्सर देरी का शिकार रहता है और प्रखंड का सबसे बड़ा गाँव होने के बावजूद खीरी में बुनियादी ढांचे की कमी बनी हुई है।
प्रशासन ने आने वाले दिनों में स्थगित कार्यक्रम को करने का आश्वासन दिया है। खीरी के ग्रामीणों को उम्मीद है कि यह दौरा उनके सुदूर और पिछड़े गाँव में वास्तविक बदलाव लाएगा और बुनियादी सुविधाओं का अभाव दूर होगा।

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!