सुरक्षित सिंचाई के लिए की गई जल की गुणवत्ता जांच
मिल्की गांव में शुरू होगी पोषण वाटिका,

बक्सर अप टू डेट न्यूज:चौसा प्रखंड अंतर्गत मिल्की गांव में पोषण वाटिका की स्थापना की जाएगी। पोषण वाटिका शुरू करने से पूर्व पटवन (सिंचाई) के लिए उपयोग होने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने हेतु जल जांच अभियान चलाया गया। यह जांच इनरेम फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर प्रवीण कुमार सिंह द्वारा की गई।
जांच के दौरान पानी में आयरन, नाइट्रेट और आर्सेनिक सहित अन्य हानिकारक तत्वों के स्तर का सघन परीक्षण किया गया। इस मौके पर प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य स्वच्छ और सुरक्षित जल से सिंचित पोषण वाटिका को बढ़ावा देना है, ताकि ग्रामीणों को विषमुक्त और पौष्टिक सब्जियां व फल उपलब्ध हो सकें।
दूषित जल से सिंचाई करने पर हानिकारक तत्व पौधों के जरिए मानव शरीर में पहुंचकर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाते हैं, जिससे बचाव के लिए जल परीक्षण अनिवार्य है।
योजना की विस्तृत जानकारी देते हुए एनजीओ रेडरी के सचिव वीरेंद्र कश्यप एवं परियोजना समन्वयक राकेश रंजन दूबे ने बताया कि चौसा प्रखंड में इससे पूर्व दो अन्य स्थानों पर पोषण वाटिका सफलतापूर्वक शुरू की जा चुकी है।
इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब मिल्की गांव में गुड्डू दूबे की देखरेख में नई पोषण वाटिका प्रारंभ की जाएगी। स्थानीय स्तर पर इस पहल को लेकर ग्रामीणों में काफी उत्साह देखा जा रहा है।







