एशियाई खेलों में भारत का मान बढ़ाकर लौट रहे अविनाश पहलवान
25 अक्टूबर को बक्सर में होगा भव्य स्वागत

बक्सर अप टू डेट न्यूज:बिहार के बक्सर जिला के चौसा की धरती के लाल और कुश्ती के क्षेत्र में देश का गौरव बढ़ाने वाले अविनाश पहलवान के गृह जिला आगमन को लेकर जिलावासियों में खासा उत्साह है। जापान में आयोजित एशियाई खेलों में भारतीय टीम के सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में चयनित होकर अपनी जिम्मेदारी निभाने वाले अविनाश पहलवान के सम्मान में 25 अक्टूबर को बक्सर में भव्य स्वागत रैली एवं अभिनंदन समारोह का आयोजन किया जाएगा।
आयोजकों के अनुसार, स्वागत रैली 25 अक्टूबर की सुबह 10 बजे बक्सर गोलंबर से शुरू होगी। इसके बाद रैली सिंडिकेट, बाइपास रोड, ज्योति प्रकाश चौक और पुलिस चौकी होते हुए चौसा रेलवे स्टेशन के समीप स्थित अविनाश पहलवान के आवास तक पहुंचेगी। वहां पहुंचने के बाद उनके सम्मान में अभिनंदन समारोह आयोजित कर उन्हें सम्मानित किया जाएगा।
अंतरराष्ट्रीय मंच पर बक्सर का बढ़ाया मान
अविनाश पहलवान की उपलब्धि को बक्सर और चौसा के लिए गौरवपूर्ण अवसर माना जा रहा है। कुश्ती के प्रति समर्पण, अनुभव और खेल के क्षेत्र में उनकी सक्रिय भूमिका ने उन्हें जिले के खेल जगत में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है। एशियाई खेलों जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन में भारतीय टीम के सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में चयनित होना उनके लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
उनके गृह जिले लौटने की खबर से खेल प्रेमियों, युवाओं और कुश्ती से जुड़े लोगों में खुशी का माहौल है। आयोजकों का मानना है कि इस तरह के सम्मान समारोह खिलाड़ियों का मनोबल बढ़ाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को खेल के प्रति प्रेरित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
विकास राज ने की जिलेवासियों से शामिल होने की अपील
बक्सर कुश्ती संघ के सचिव विकास राज ने जिलेवासियों से स्वागत रैली एवं अभिनंदन समारोह में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होकर आयोजन को सफल बनाने की अपील की है।
उन्होंने कहा, “अविनाश पहलवान बिहार, बक्सर और चौसा की शान हैं। एशियाई खेलों में भारतीय टीम के सपोर्टिंग स्टाफ के रूप में उनका चयन पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उनकी उपलब्धि से यहां के युवा खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी और उन्हें खेल के क्षेत्र में आगे बढ़ने का प्रोत्साहन मिलेगा।”
विकास राज ने कहा कि यह आयोजन केवल एक खिलाड़ी के स्वागत तक सीमित नहीं है, बल्कि बक्सर की धरती से निकलकर राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने वाले खिलाड़ियों के सम्मान और उत्साहवर्धन का भी अवसर है।







