भरत भूषण तिवारी की संदिग्ध मृत्यु पर विश्वामित्र सेना का आक्रोश
उच्चस्तरीय जांच और कार्रवाई की मांग

बक्सर अप टू डेट न्यूज़:शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव निवासी भरत भूषण तिवारी की पुलिस कार्रवाई के दौरान हुई संदिग्ध मृत्यु का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इस घटना पर ‘विश्वामित्र सेना’ ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए पुलिसिया कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं। संगठन ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने की पुरजोर मांग की है।
”फर्जी मुठभेड़ साबित होने पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा”
विश्वामित्र सेना के राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने इस घटना को अत्यंत गंभीर और चिंताजनक बताया है। उन्होंने कहा:
”यदि पुलिस ने अपने अधिकारों का दुरुपयोग करते हुए किसी निर्दोष व्यक्ति की जान ली है, तो ऐसे कृत्य के लिए जिम्मेदार अधिकारियों को किसी भी स्थिति में संरक्षण नहीं मिलना चाहिए। कानून से ऊपर कोई नहीं है और न्याय पाना हर नागरिक का संवैधानिक अधिकार है।”
संगठन ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि जांच के दौरान यह पुलिस मुठभेड़ अवैध या फर्जी पाई जाती है, तो इस पूरी कार्रवाई का नेतृत्व करने वाले अधिकारी समेत संलिप्त सभी पुलिसकर्मियों के विरुद्ध हत्या (Section 302/प्रासंगिक धाराएं) का मुकदमा दर्ज कर कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाए।
तत्काल निलंबन और मुआवजे की मांग
जांच को प्रभावित होने से बचाने के लिए विश्वामित्र सेना ने सरकार से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों और पुलिसकर्मियों को जांच पूरी होने तक तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाए।
इसके साथ ही संगठन ने राज्य सरकार से मांग की है कि:
पीड़ित परिवार को अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए।
पीड़ित परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
बिना किसी पक्षपात के सच्चाई को सामने लाकर न्याय प्रक्रिया को पूरा किया जाए।
कानून-व्यवस्था पर उठते सवाल
वक्तव्य के अंत में संगठन ने सचेत करते हुए कहा कि इस तरह की संदिग्ध घटनाएं समाज में कानून-व्यवस्था और पुलिस प्रशासन पर से जनता के विश्वास को कमजोर करती हैं। इसलिए सरकार को इस मामले में पूरी पारदर्शिता बरतनी चाहिए ताकि दोषियों को सजा और पीड़ित परिवार को न्याय मिल सके।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा







