विधायक आनंद मिश्रा की चेतावनी सच साबित
चौसा और इटाढ़ी ओवरब्रिज की गुणवत्ता पर उठे सवाल, 5 जून को आई दरार

बक्सर अप टू डेट न्यूज़:
बक्सर सदर विधायक आनंद मिश्रा द्वारा नव-निर्मित चौसा रेल ओवरब्रिज और इटाढ़ी ओवरब्रिज की निर्माण गुणवत्ता को लेकर जताई गई आशंका महज दो दिन के भीतर ही सच साबित हो गई है। विधायक ने पिछले 3 जून को ही जिला पदाधिकारी को पत्र लिखकर दोनों पुलों की तकनीकी जांच की मांग की थी, और ठीक दो दिन बाद यानी 5 जून को पुल के टूटने और दरकने की गंभीर घटना सामने आ गई है। इस घटना के बाद स्थानीय प्रशासन और निर्माण कंपनी के खिलाफ जनता में भारी आक्रोश है।
विधायक ने 3 जून के पत्र में क्या दी थी चेतावनी?
सदर विधायक आनंद मिश्रा ने दोनों ओवरब्रिजों का जमीनी निरीक्षण करने के बाद 3 जून को डीएम को एक पत्र लिखा था। पत्र में उन्होंने साफ तौर पर गंभीर चिंता जताते हुए कहा था कि:
नव-निर्मित होने के बावजूद दोनों ओवरब्रिजों की सतह और चढ़ाव-उतार समतल नहीं हैं।
इसके कारण पुल से गुजरने वाले वाहनों को तेज झटके लगते हैं, जिससे हर वक्त बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी रहती है।
इतनी कम अवधि में नव-निर्मित पुलों में ऐसी खामियां आना निर्माण कार्य की गुणवत्ता और तकनीकी मानकों पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है।
विधायक ने निष्पक्ष तकनीकी जांच कराकर दोषी अधिकारियों और संवेदक (ठेकेदार) पर सख्त कार्रवाई की मांग की थी।
5 जून को सच साबित हुआ डर: पुल में आई दरारें
विधायक की इस पहल पर जब तक प्रशासन कोई ठोस कदम उठा पाता, तब तक 5 जून को पुल के अचानक टूटने और दरकने की खबर सामने आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सीधे तौर पर भ्रष्टाचार और घटिया निर्माण सामग्री के इस्तेमाल का नतीजा है। प्रतिदिन हजारों लोगों और वाहनों की आवाजाही वाले इन ओवरब्रिजों की यह स्थिति कभी भी किसी बड़े हादसे को न्योता दे सकती है।
विधायक आनंद मिश्रा का रुख:
“इतने कम समय में नए बने पुलों का दरकना यह साबित करता है कि निर्माण में भारी लापरवाही और तकनीकी मानकों की अनदेखी की गई है। मैंने डीएम साहब से स्पष्ट रूप से मांग की है कि इस मामले की उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच हो और दोषियों की जिम्मेदारी तय कर उन पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।”
इस घटना के बाद अब पूरे जिले में चौसा और इटाढ़ी ओवरब्रिज के निर्माण को लेकर चर्चाएं तेज हैं और लोग जल्द से जल्द इसके सुधारीकरण और दोषियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा







