बक्सर में “खेत बचाओ अभियान” का शंखनाद

रासायनिक खादों की खपत 25% तक कम करने का लक्ष्य ​

​ ​बक्सर अप टू डेट न्यूज़: जिले के महदह गाँव से आज राष्ट्रव्यापी कार्यक्रम “खेत बचाओ अभियान” की विधिवत शुरुआत की गई। आईसीएआर (ICAR) पटना के निदेशक डॉ. अनूप दास के मार्गदर्शन में शुरू किया गया यह विशेष अभियान आगामी 30 जून तक बक्सर के सभी प्रखंडों में चलाया जाएगा। अभियान का मुख्य उद्देश्य रासायनिक उर्वरकों पर किसानों की निर्भरता को कम करना और खेत की मिट्टी को वापस उपजाऊ व स्वस्थ बनाना है।

​मिट्टी की सेहत सुधारने पर जोर

​कृषि विज्ञान केंद्र (KVK) बक्सर के विशेषज्ञ श्री हरिगोविन्द एवं डॉ. रामकेवल ने महदह गाँव के प्रगतिशील किसानों को मिट्टी की सेहत के प्रति जागरूक किया। कृषि वैज्ञानिकों ने बताया कि रासायनिक खादों के अंधाधुंध और अविवेकपूर्ण इस्तेमाल से खेती की लागत लगातार बढ़ रही है, जबकि भूमि की प्राकृतिक उर्वरता नष्ट हो रही है।
​वैज्ञानिकों ने आगाह करते हुए कहा कि अत्यधिक रसायनों के प्रयोग से मिट्टी की जलधारण (पानी सोखने) की क्षमता घट रही है, भूमि में अम्लीयता एवं क्षारीयता का संतुलन बिगड़ रहा है और मिट्टी के मित्र सूक्ष्मजीव निष्क्रिय होते जा रहे हैं, जिसका सीधा असर फसलों के उत्पादन पर पड़ रहा है।

​रासायनिक खादों की खपत 20-25% कम करने का लक्ष्य

​अभियान के तहत वैज्ञानिकों ने किसानों से अपील की कि वे यूरिया और डीएपी (DAP) पर अपनी निर्भरता को 20 से 25 प्रतिशत तक कम करें। इसके विकल्प के रूप में मिश्रित उर्वरकों के उपयोग, हरी खाद, जैविक खेती और प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

​कृषि वैज्ञानिकों की मुख्य सलाह:

​मृदा जाँच अनिवार्य: किसान सबसे पहले अपने खेत की मिट्टी की जाँच (Soil Testing) करवाएँ और रिपोर्ट के आधार पर ही संस्तुत मात्रा में उर्वरकों का प्रयोग करें।
​दलहनी फसलें अपनाएँ: फसल चक्र में सुधार करते हुए चना, मसूर, उर्द और अरहर जैसी दलहनी फसलों को जरूर शामिल करें।
​हरी खाद का विकल्प: गर्मी के मौसम में गरमा फसल के रूप में ढैंचा, मूँग और लोबिया उगाएँ।
​प्राकृतिक खेती के नुस्खे: रसायनों को छोड़कर जीवामृत, बीजामृत और घनामृत जैसी घरेलू व प्राकृतिक विधियों को अपनाएँ।

​प्रगतिशील किसानों ने लिया संकल्प

​इस जागरूकता कार्यक्रम में महदह गाँव के किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और प्राकृतिक खेती को अपनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से जीउत सिंह, अरविन्द सिंह, राकेश कुमार सिंह, जयप्रकाश सिंह, मनु यादव, धर्मेन्द्र राजभर, विकास कुमार सिंह, चंद्रभूषण सिंह, शिवचरण पाल, सूरज पासवान, शशांक कुमार सिंह, अशोक कुमार सिंह और सत्यनारायण यादव सहित 30 से अधिक प्रगतिशील किसान उपस्थित थे।

​कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार, पूरे जून महीने के दौरान बक्सर के कोने-कोने में चौपाल लगाकर किसानों को इस अभियान से जोड़ा जाएगा ताकि जिले में सस्टेनेबल (टिकाऊ) खेती की नई नींव रखी जा सके।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा

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