उद्घाटन के कुछ ही दिन बाद दरका 26 करोड़ का इटाढ़ी आरओबी
पाया संख्या 5 के पास धंसी सड़क, आवागमन ठप

बक्सर अप टू डेट न्यूज़:
बिहार में पुलों के टूटने और धंसने का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बक्सर जिले का है, जहां करोड़ों की लागत से बनकर तैयार हुआ इटाढ़ी रेलवे गुमटी ओवरब्रिज (ROB) उद्घाटन के कुछ ही दिनों बाद क्षतिग्रस्त हो गया है। 5 जून की सुबह इटाढ़ी आरओबी के पाया संख्या 5 के पास अचानक सड़क धस गई और उसमें बड़ी दरारें आ गईं। घटना के बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया और आनन-फानन में पुल पर वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। डैमेज कंट्रोल के लिए विभाग ने फिलहाल धंसे हुए हिस्से को लोहे की प्लेटों से ढक दिया है।
₹35 करोड़ का प्रोजेक्ट, ₹26.40 करोड़ में हुआ था एग्रीमेंट
पुल निर्माण विभाग के अनुसार, इस आरओबी के लिए कुल 35.33 करोड़ रुपये की प्रशासनिक स्वीकृति मिली थी। हालांकि, संवेदक (ठेकेदार) के साथ 26 करोड़ 40 लाख रुपये में ही निर्माण का एग्रीमेंट हुआ था। विभाग का कहना है कि शेष बची राशि बिलों के समायोजन के बाद वापस चली जाएगी। इस पुल का शिलान्यास तत्कालीन पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन और पूर्व सांसद अश्विनी चौबे के नेतृत्व में हुआ था। वर्षों के इंतजार के बाद हाल ही में आनन-फानन में इटाढ़ी और चौसा दोनों आरओबी का उद्घाटन एक साथ किया गया था, जिस पर शुरुआत से ही सवाल उठ रहे थे।
क्यों धंसा पुल? ओवरलोडिंग और जल्दबाजी बनी वजह!
स्थानीय सूत्रों और विशेषज्ञों के अनुसार, इस रूट पर बालू लदे ओवरलोडेड ट्रकों का भारी दबाव रहता है। यदि पुल का निर्माण मानकों के अनुरूप न हो, तो ऐसे भारी वाहनों के लोड से ढांचा धंसना तय है। इसके अलावा, तय समय से पहले और बिना पूरी तैयारी के पुल को चालू करना भी इसका बड़ा कारण माना जा रहा है
क्या होता है एक्सपेंशन जॉइंट (Expansion Joint)?
पुल के दो हिस्सों के बीच छोड़ा गया एक विशेष अंतराल या जोड़ होता है। यह पुल को तापमान में बदलाव (गर्मी-सर्दी) के कारण फैलने-सिकुड़ने और भारी वाहनों के कंपन व दबाव को सहने में मदद करता है। यदि इसमें गड़बड़ी हो, तो पुल की सतह क्षतिग्रस्त हो जाती है।
अधिकारी क्या बोले?
जिला पदाधिकारी (DM): “पुल के मुख्य स्ट्रक्चर (ढांचे) में कोई कमी नहीं है। कंक्रीट की ढलाई के बाद क्यूरिंग (तसल्ली से सुखाने और पानी देने) में लगभग 15 दिन का समय लगता है। फिलहाल ट्रैफिक जाम न हो, इसके लिए रेलवे को फाटक खोलने का निर्देश दिया गया है।”
पुल निर्माण निगम अभियंता: “पुल के एक्सपेंशन जॉइंट में लेवल डिफरेंस (ऊंचाई का अंतर) को ठीक करना बाकी था, तभी इसे आवागमन के लिए खोल दिया गया। मुख्य स्ट्रक्चर सुरक्षित है, केवल एक्सपेंशन जॉइंट में क्षति हुई है, जिसे जल्द ही ठीक कर लिया जाएगा।
जनता में भारी आक्रोश: कमीशनखोरी के लगे आरोप
इस घटना के बाद बक्सर और इटाढ़ी के स्थानीय लोगों में भारी नाराजगी है। लोगों का सीधा आरोप है कि यह जनता के पैसों की बर्बादी, भारी कमीशनखोरी और घटिया निर्माण का नतीजा है। सदर विधायक आनंद मिश्रा ने भी ठीक दो दिन पहले (3 जून को) ही पत्र लिखकर इस गड़बड़ी की आशंका जताई थी, जो आज सच साबित हो गई।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा







