चौसा में ‘पोषण वाटिका’ से संवरेगा ग्रामीणों का स्वास्थ्य: इनरेम फाउंडेशन और रेडरी की अनूठी पहल
किसानों को मिला विशेष प्रशिक्षण


कार्यशाला को संबोधित करते हुए इनरेम फाउंडेशन के प्रोग्राम ऑफिसर प्रवीण कुमार सिंह ने कहा कि संस्था पिछले आठ वर्षों से बक्सर जिले के विभिन्न इलाकों में पानी की गुणवत्ता सुधारने पर लगातार काम कर रही है। ग्रामीण समुदाय को आर्सेनिक व फ्लोराइड मुक्त सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने के लिए वाटर प्यूरीफायर भी देने का प्रयास जारी है। इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए अब सुरक्षित जल के इस्तेमाल से पोषण वाटिका विकसित करने की योजना बनाई गई है, ताकि दूषित पानी का असर खानपान पर न पड़े।
प्रशिक्षण के दौरान पोषण वाटिका की सिंचाई में इस्तेमाल होने वाले भूजल की मौके पर ही जांच की गई। जिसमें प्रोग्राम आफिसर प्रवीण कुमार सिंह ने पानी का टीडीएस, आयरन, फ्लोराइड, नाइट्रेट और खतरनाक आर्सेनिक स्तर का परीक्षण कर किसानों को पानी की शुद्धता का महत्व समझाया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में स्थानीय महिला व पुरुष किसानों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और अपने-अपने घरों में पोषण वाटिका लगाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से रेडरी के सचिव वीरेंद्र कश्यप, रामाश्रय सिंह, शिवानंद सिंह,श्रीभगवान सिंह, प्रवीण मिश्रा, श्याम बिहारी प्रसाद, बिनोद प्रसाद के अलावा पार्वती देवी, प्रमीला देवी, तेतरा देवी, सरिता देवी, देवंती देवी और माया देवी सहित कई प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे।
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