शाहपुर के बिलौटी पहुंची विश्वामित्र सेना,​कहा– “दोषी पुलिसकर्मियों पर दर्ज हो हत्या का मुकदमा”

​शहीद भरत तिवारी के परिजनों से मिले राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे, व्यवस्था पर उठाए सवाल

बक्सर अप टू डेट न्यूज़:भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत बिलौटी गांव में बीते दिनों कथित पुलिस मुठभेड़ में मारे गए भरत तिवारी के परिजनों से मिलने शनिवार को विश्वामित्र सेना का एक प्रतिनिधिमंडल पहुंचा। संगठन के राष्ट्रीय संयोजक  राजकुमार चौबे के नेतृत्व में पहुंचे नेताओं ने स्वर्गीय भरत तिवारी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी और शोक संतप्त परिवार को ढाढस बंधाया। विश्वामित्र सेना ने पीड़ित परिवार को हरसंभव कानूनी और सामाजिक मदद देने का भरोसा दिलाया है।

​जनप्रतिनिधियों और प्रशासन की उदासीनता पर नाराजगी

​परिजनों से मुलाकात के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए राष्ट्रीय संयोजक राजकुमार चौबे ने प्रशासनिक नेतृत्व और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा, “यह घटना पूरी तरह से व्यवस्था की गंभीर विफलता का नतीजा है। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि इतनी बड़ी घटना के बाद भी प्रशासनिक अधिकारी और जनप्रतिनिधि पीड़ित परिवार के आंसू पोंछने नहीं पहुंचे। उन्हें सबसे पहले यहां आकर परिवार के साथ खड़ा होना चाहिए था।”
​चौबे ने चेतावनी भरे लहजे में कहा कि अगर ऐसे गंभीर मामलों में समय रहते कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो यह व्यवस्था की आदत बन जाएगी। इससे रोजगार और रोजी-रोटी के लिए घर से बाहर निकलने वाले हर युवा के मन में भय का माहौल पैदा होगा।

​”दोषियों पर चले हत्या का केस” – विश्वामित्र सेना की मांगें

​विश्वामित्र सेना ने सरकार और प्रशासन के सामने अपनी मांगें रखते हुए कहा कि इस मामले को दबाने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जाएगी। संगठन ने प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई हैं:
​घटना में शामिल दोषी पुलिसकर्मियों के खिलाफ तत्काल हत्या का मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया जाए।
​पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच पारदर्शी तरीके से सुनिश्चित हो।
​पीड़ित परिवार को न्याय मिलने तक संगठन हर स्तर पर मजबूती से संघर्ष जारी रखेगा।

​मुख्यमंत्री के न्यायिक जांच के फैसले का स्वागत

​प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पहले ट्विटर) पर की गई उस घोषणा का स्वागत किया है, जिसमें उन्होंने 17 जून 2026 को हुई इस मुठभेड़ की जांच हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीश से कराने का निर्णय लिया है। विश्वामित्र सेना ने कहा कि न्यायिक जांच पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए और जो भी दोषी पाया जाए, उसे सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए ताकि आम जनता का न्याय व्यवस्था पर विश्वास बहाल हो सके।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा

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