जिले को मिला 2086.56 मैट्रिक टन यूरिया, कालाबाजारी रोकने के लिए जारी हुआ नंबर

बक्सर अप टू डेट न्यूज़ | जिले में उर्वरक की आपूर्ति पारदर्शी एवं सुगमतापूर्वक हो, इसके लिए कृषि विभाग सदैव तत्पर है। खरीफ मौसम में किसानों को पर्याप्त मात्रा में उर्वरक उपलब्ध कराने हेतु लगातार प्रयास जारी है। buxar ads

जिला कृषि पदाधिकारी ने बताया कि यारा फर्टिलाईजर द्वारा 630 मै.टन, नेशनल फर्टिलाईजर लिमिटिड द्वारा 1456.56 मै.टन यूरिया का आवंटन जिले को प्राप्त हुआ है वही इंडोरामा कंपनी का 155 मै. टन एनपीके का आवंटन प्राप्त हुआ है। चौबीस घंटे के अंदर जिले में यूरिया तथा एन पी के उर्वरक की आपूर्ति होने की संभावना है। उर्वरक प्राप्त होते ही फसल आच्छादन के आधार पर उपावंटन कर दिया जायेगा। जीरो टाॅलरेंस नीति के अंतर्गत एमआरपी पर ही किसानों को उर्वरक उपलब्ध कराया जायेगा।

जिसको शत प्रतिशत अनुपालन कराने के उदेश्य से जिला स्तर पर तीन छापामारी दल व एक कंट्रोल रुम का गठन किया गया है।पंचायत स्तर तक बीएओ, कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार के माध्यम से उर्वरक को किसानों तक जीरो टाॅलरेंस नीति अंतर्गत वितरण कराने के उदेश्य से टैग किया गया है। उक्त बातें जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि विशेष अभियान चलाकर उर्वरक कालाबाजारी में संलिप्त दुकानदारों पर कठोर कार्रवाई की जायेगी।

जिला कृषि पदाधिकारी ने कहा कि उर्वरक बिक्री करने वाले प्रतिष्ठान अपने दुकान पर डिस्प्ले बोर्ड लगाकर प्रतिदिन उर्वरक स्टाॅक एवं एमआरपी को अंकित करेंगे, ताकि किसान सुगमतापूर्वक उर्वरक का क्रय कर सकें। इसके साथ-साथ प्रतिदिन का यूरिया का स्टाॅक जिला का वेबसाईट https://buxar.nic.in/daily-urea-retailer-stock-status/ पर उपलब्ध है। जिले में उर्वरक का पर्याप्त भंडार है। उन्होंने उर्वरक बिक्रेताओं को सख्त हिदायत देते हुए कहा कि कोई भी उर्वरक बिक्रेता सम्बंधित कृषि समन्वयक व किसान सलाहकार की उपस्थिति में ही प्रतिदिन पूर्वाहन् 08 बजे से अपराहन् 06 बजे तक उर्वरक की बिक्री करेंगे। किसानों के बीच उर्वरक की बिक्री निर्धारित मूल्य पर किया जाना है। इसके लिए विभाग द्वारा जीरो टाॅलरेंस नीति लागू है। अगर औचक छापामारी के दौरान कोई भी बिक्रेता उक्त नियम का उल्लंघन करते पाया जाता है तो सुसंगत धाराओं के तहत कार्रवाई की जायेगी।

किसानों के लिए उर्वरक सम्बंधी शिकायत दर्ज कराने हेतु जिला नियंत्रण कक्ष का गठन किया गया है, जिसके नोडल अधिकारी के रुप में श्री शेखर किशोर, सहायक निदेशक,फसल प्रक्षेत्र नामित है। जिला नियंत्रण कक्ष का संपर्क सूत्र 9198879787, 7903767773 तथा 9473081675 है। इन मोबाईल नम्बर पर किसान उर्वरक से सम्बंधित शिकायत दर्ज करा सकते है। शिकायत करने वाले किसानों का नाम गुप्त रखते हुए कालाबजारी में संलिप्त बिक्रेताओं का लाईसेंस निरस्त/प्राथमिकी दर्ज करते हुए अग्रेतर कार्रवाई की जायेगी।

जिला कृषि पदाधिकारी ने किसानों से अपील की कि खरीफ मौसम में जिले में पर्याप्त मात्रा में उर्वरक का भंडार है। कृषक मिट्टी जाॅंच के आधार पर ही उर्वरक का उपयोग करें। आगे उन्होंने कहा कि अॅंधाधुॅंध उर्वरकों के प्रयोग करने से किसानों की आर्थिक स्थिति खराब होने के साथ-साथ मिट्टी की सेहत भी खराब होती है। इस परिस्थिति में कृषि विशेषज्ञों, देशी पाठ्यक्रम से प्रशिक्षित उपादान बिक्रेता के सलाह पर उर्वरकों की अनुशंसित मात्रा का प्रयोग करें।

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