रेलवे का अजूबा कारनामा: सड़क काटकर आधे-अधूरे नाले में बहाया जा रहा सीवरेज का गंदा पानी

स्थानीय लोगों में भारी रोष

​बक्सर अप टू डेट न्यूज़: दानापुर मंडल के डुमरांव स्टेशन पर रेलवे का एक ऐसा अजूबा कारनामा सामने आया है, जिसने यात्रियों और स्थानीय निवासियों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। विभाग द्वारा बिना किसी ठोस प्लानिंग के, टिकट घर के समीप मुख्य सड़क को काटकर एक अर्द्ध निर्मित (आधे-अधूरे) नाले में सीवरेज की नाली को जोड़ा जा रहा है।
​रेलवे के इस मनमाने रवैये को लेकर स्थानीय लोगों और रेल यात्रियों में गहरा आक्रोश है।

​क्या है पूरा मामला?

​मिली जानकारी के अनुसार, डुमरांव स्टेशन पर इन दिनों एक नए ‘पे एंड यूज’ शौचालय का निर्माण कार्य चल रहा है। विभागीय लापरवाही का आलम यह है कि पानी की निकासी का सही इंतजाम किए बिना ही टिकट घर के पास शौचालय की टंकी का निर्माण करा दिया गया।

​पहले क्या थी व्यवस्था?

इससे पहले शौचालय की टंकी टिकट घर के पूर्वी छोर पर बनी हुई थी, जहाँ से पानी की निकासी का सही रास्ता था। लेकिन वर्तमान में, आनन-फानन में नए शौचालय को चालू करने के चक्कर में मुख्य सड़क को खोदकर उसे एक ऐसे नाले से जोड़ा जा रहा है जो खुद अधूरा है।

​संक्रामक बीमारियों का बढ़ा खतरा

​स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस नाले में सीवरेज की नाली को जोड़ा जा रहा है, उसमें पानी की निकासी की कोई व्यवस्था ही नहीं है। ऐसे में शौचालय से प्रतिदिन निकलने वाला हजारों लीटर गंदा पानी जब इस बंद नाले में जमा होगा, तो वह ओवरफ्लो होकर सड़क पर फैलेगा। मानसून के इस मौसम में हल्की बारिश से ही स्टेशन परिसर की स्थिति खराब हो जाती है। अब सीवरेज का गंदा पानी सड़क पर आने से स्थिति पूरी तरह ‘नारकीय’ हो जाएगी और इलाके में संक्रामक बीमारियों व महामारी का खतरा तेजी से बढ़ जाएगा।

​समाजसेवी ने जताई आपत्ति, अधिकारियों से की शिकायत

​इस गंभीर समस्या को लेकर स्थानीय निवासी और समाजसेवी राजीव रंजन सिंह ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से लिखित शिकायत की है। उन्होंने कहा:
​”एक तरफ नाले में पानी निकलने का रास्ता नहीं है, वहीं दूसरी तरफ रेलवे ने मुख्य सड़क को भी काटकर आधा-अधूरा छोड़ दिया है। बरसात के दिनों में यात्रियों का पैदल चलना भी दूभर हो गया है। अगर यह गंदा पानी सड़क पर आया तो यात्रियों के स्वास्थ्य और जीवन के साथ बड़ा खिलवाड़ होगा।”

​अधिकारी का पक्ष

​इस पूरे मामले पर जब आईओडब्लू (IOW) महेंद्र रजक से बात की गई, तो उन्होंने सफाई देते हुए कहा कि नाले के पानी की निकासी के लिए जल्द ही कोई वैकल्पिक (Alternative) व्यवस्था की जाएगी, ताकि लोगों को परेशानी न हो।
​अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन इस गंभीर समस्या पर कितनी जल्दी संज्ञान लेता है, या फिर यात्रियों को इस नारकीय स्थिति में रहने के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा

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