विद्यालय में सेवानिवृत्त शिक्षकों को किया गया सम्मानित

सरकार से उपेक्षित है संस्कृत विद्यालय

बक्सर अप टू डेट न्यूज़: प्रखंड चौसा अंतर्गत आदर्श संस्कृत उच्च विद्यालय चुन्नी में पूर्व में सेवानिवृत्ति हो चुके शिक्षकों को सम्मानित करने हेतु एक सम्मान समारोह का आयोजन उदय नारायण उपाध्याय प्रधानाध्यापक के द्वारा आयोजित हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता शेष नाथ दुबे प्रतिनिधि बिहार विधान परिषद् गया निर्वाचन क्षेत्र द्वारा की गई।

इस सभा का मंच संचालन शशि भूषण मिश्र ने किया। अपने अध्यक्षीय संबोधन में शेषनाथ दुबे ने कहा कि संस्कृत विद्यालयों को भी सरकार द्वारा सहयोग और संरक्षण की अति आवश्यकता है।सामान्य विद्यालयों की तरह इनको भी सरकार का सहयोग मिलना ही चाहिए, लेकिन सरकार की उपेक्षा नीति के शिकार संस्कृत विद्यालय हो रहे हैं।आदर्श संस्कृत उच्च विद्यालय चुन्नी के प्रधानाचार्य एवं शिक्षक गणों ने अपने मेहनत की प्राप्त कमाई में से राशि स्वयं व्यय करके बरसात में रिसने वाली छत का जीर्णोद्धार करते हुए विद्यालय भवन का रंगरोगन कराया है। यह अति प्रशंसनीय है।

विद्यालय के प्रधानाचार्य उदय नारायण उपाध्याय ने इस विद्यालय के सेवानिवृत शिक्षक हरिहर राय, भोलानाथ चतुर्वेदी, श्रीभगवान सिंह, विजय नारायण यादव, धनेश्वर सिंह, सिद्धनाथ प्रसाद को अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, गीता प्रबोधिनी, पराशर वाणी पुस्तक देकर और माल्यार्पण करते हुए सम्मानित किया।इस सभा में उपस्थित हुए सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य रामाश्रय ओझा, संस्कृत शिक्षक सरोज कुमार पाण्डेय, अरुण बिहारी पाण्डेय, उपेंद्र कुमार उपाध्याय, संतोष कुमार मिश्र, राकेश राय, सुमन राय, प्रीति राय, अजय शंकर तिवारी और रविंद्र कुमार मिश्र को भी अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और माल्यार्पण करके सम्मानित किया गया।

सभा में आए हुए समाज सेवी हीरालाल, सुभाष चंद्र राय ने कहा कि शिक्षा से ही विकास संभव है।आचार्य रवीन्द्र कुमार मिश्र ने कहा कि संस्कृत सभी भाषाओं की जननी है तथा इसको मान देना जरूरी है। सभा में उपस्थित गणमान्य लोगों ने कहा कि अगर सरकार सहयोग करे तो निश्चित रूप से संस्कृत शिक्षा का भविष्य उज्जवल होगा। इस सभा में आए हुए गणमान्य लोगों को भी अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह, गीता प्रबोधनी भाषा टीका, महर्षि पराशर वाणी विक्रमीसंवत् 2083 पुस्तक देते हुए सम्मानित किया गया।उपस्थित सभी लोगों ने विद्यालय परिवार की भूरि-भूरि प्रशंसा किया।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा

Advertisement

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!