वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटें 1708 मामलें

14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 09 सौ 51 रुपए की समझौता राशि के मुकदमों का सुलह के आधार पर निपटारा कराया गया

बक्सर अप टू डेट न्यूज़:वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत में निपटें 1708 मामलें

– वाद के निपटारा के लिए बनाए गए थे, कुल नौ बेंच

14 करोड़ 75 लाख 55 हजार 09 सौ 51 रुपए की समझौता राशि के मुकदमों का सुलह के आधार पर निपटारा कराया गया

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के तत्वावधान में14 मार्च 2026 को वर्ष 2026 की प्रथम राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन माननीय सुश्री काजल झाब प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह अध्यक्ष,श्री मनोज कुमार प्रथम प्रधान न्यायाधीश कुटुंब न्यायालय, जिला पदाधिकारी श्रीमती साहिला, पुलिस अधीक्षक शुभम आर्या,श्रीमती नेहा दयाल अवर न्यायाधीश सह सचिव,प्रवीण कुमार सिंह श्रीनेत अध्यक्ष स्थाई लोक अदालत, विनय कुमार सिंहा मुख्य अधिवक्ता विधिक सहायता प्रतिरक्षा प्रणाली, और उपस्थित अन्य गणमान्य लोगों ने दीप प्रज्ज्वलित कर विधिवत उद्घाटन किया।

मौके पर सचिव बिंदेश्वरी पांडेय सचिव जिला अधिवक्ता संघ एवं व्यवहार न्यायालय के सभी न्यायिक पदाधिकारी व कार्यालय कर्मचारी मौजूद रहे। इस मौके पर मंच का संचालन विष्णु दत्त द्विवेदी पैनल अधिवक्ता बक्सर ने कियाl समाचार लिखे जाने तक चल रहे इस राष्ट्रिय लोक अदालत में विभिन्न वाद के 1708 मामले का निपटारा कराया गया।

इस दौरान अपने संबोधन में सुश्री काजल झाँब ने कहां कि लोक अदालत सुलभ और एक ही दिन में मुकदमे के निपटारे का सुलभ रास्ता है। इसमें ना कोई पक्ष जीतता है, ना ही कोई पक्ष हारता है। इसमें दोनों पक्षों की जीत होती है। कोई भी व्यक्ति अपने वाद का निपटारा सुलह समझौते के माध्यम से करा सकता है। लोक अदालत में आने वाले वाद के सभी पक्षकारों को लोक अदालत पर मैं स्वागत करती हूं और आशा करती हूं कि सुलह के आधार पर अपने-अपने वादों का निष्पादन वे करवाएंगे।

मौके पर उपस्थित नेहा दयाल ने कहा कि राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार नई दिल्ली के निर्देश पर इस अवसर को हम लोग एक राष्ट्रीय पर्व के तौर पर मनाते हैं। वाद के दोनों पक्षकार स्थानीय न्यायालय, उच्च न्यायालय एवं उच्चतम न्यायालय में अपने- अपने वादों को लेकर दौड़ते रहते हैं और उनके मुकदमे का निपटारा नहीं होता। यदि अपने मुकदमों का निपटारा करवाना चाहते हैं तो सीधे लोक अदालत में आए और एक ही दिन में अपने वादों का निपटारा सुलह के आधार पर करवाए। राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन इस उद्देश्य से ही किया जाता है कि व्यवहार न्यायालय पर बढ़ रहे मुकदमों के बोझ को कम किया जा सके। साथ में लोगों को सुलभ न्याय उपलब्ध करवाना है। उन्होंनें कहा कि लोक अदालत जनता की अदालत है। जिसमे आपकी सहमति से ही आप के द्वारा किया गए मुकदमो को सुलह के आधार पर निपटारा करवाया जाता है। दोनो पक्षों के सुलह होने पर अवार्ड बनता है, जिससे दोनो पक्षों को दिया जाता है और एक कॉपी न्यायालय में भी रखा जाता है।

आज के राष्ट्रीय लोक अदालत में बैंक के 544 वाद का निपटारा हुआ l जिसमे 13,11,60,794/- तेरह करोड़ ग्यारह लाख साठ हजार सात सौ चौरानवे रुपए के समझौता राशि पर हस्ताक्षर हुआl अन्य वाद जिसमे यातायात के कुल 618, आपराधिक 165 वाद, विद्युत वाद के 265 मामले, वैवाहिक वाद के 13 मुकदमे, जिला परिवहन पदाधिकारी के छः सौ अट्ठारह मुकदमे , एन आई एक्ट के चार मुकदमे का निपटारा कराया गया। विभिन्न बैंकों के रेकवेरी के 98 मामलों जिसमे हुए निष्पादन पर इस दौरान कुल 01 करोड़ 12 लाख 81 हजार 51 रुपए की समझौता राशि पर हस्ताक्षर किया गया।

मौके पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश उदय प्रताप सिंह, सुदेश कुमार श्रीवास्तव, संजीत कुमार सिंह, अमित कुमार शर्मा, सोनेलाल रजक , कमल कुमार, मानस कुमार वत्सल, अनुपमा सिंह, अवर न्यायाधीश, भोला सिंह, महेश्वर नाथ पांडेय वही न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी मानवेंद्र सिंह पीठ में उपस्थित थे l

पैनल अधिवक्ता दीपिका कुमारी केसरी, कंचन कुमारी, ज्योति शंकर, धर्मेंद्र कुमा,राजीव कुमार मिश्रा, सेवानंद उपाध्याय, मधु कुमारी, विष्णु दत्त द्विवेदी, रामानंद मिश्रा, रेणु रणविजय ओझा, वही पारा विधिक स्वयंसेवक में कविंद्र पाठक, मनन कुमार सिंह, शिवदयाल पांडेय, प्रमोद कुमार, रामजी यादव, विवेक कुमार, प्रेम प्रकाश चौबे ,वहीं कार्यालय कर्मी सुधीर कुमार, दीपेश कुमार, संजीव कुमार, अशोक कुमार सिंह, प्रभारी प्रशासन राजीव कुमार, नाजिर संतोष द्विवेदी, ओम प्रकाश सिंह, अविनाश समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
वीरेंद्र कश्यप
चौसा

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